समस्तीपुर, 06 सितंबर (हर्षिता “अश्क”) जिले में बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रभारी सचिव, समस्तीपुर जिला-सह-सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार प्रणव कुमार ने रविवार को हसनपुर-धमौन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने जलस्तर, प्रभावित आबादी, आवागमन और राहत-बचाव कार्यों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। मौके पर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह सहित प्रखंड एवं अंचल स्तर के अधिकारी, थाना प्रभारी और बाढ़ प्रमंडल के पदाधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने अधिकारियों से बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने नाव और नाविकों की उपलब्धता, गोताखोरों की तैनाती, सामुदायिक रसोई, सुरक्षित ठहराव स्थलों तथा राहत सामग्री वितरण की भी समीक्षा की। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश पशुपालन पदाधिकारी को दिया गया। वहीं, सिविल सर्जन को जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने तथा जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने का निर्देश मिला।

बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने तथा कटाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। प्रभारी सचिव ने अनुमंडल स्तर पर कंट्रोल रूम के जरिए बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। जिला स्तर पर 24×7 संचालित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) से पूरे जिले की निगरानी और विभागों के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी। प्रभारी सचिव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से कार्य करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए मानव बल व संसाधनों को तैयार रखने का निर्देश दिया।














