पटना, 12 सितम्बर (पटना डेस्क) बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह नगर बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। एनडीए नेताओं की ओर से सामने आई इस मांग पर राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने नाम बदलने की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिनके पास जनता की भलाई के लिए कोई ठोस काम नहीं होता, वे नाम और रंग बदलने में ही उलझे रहते हैं। पत्रकारों के सवाल पर सुधाकर सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि ऐसी मांग कौन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई काम नहीं होता तो लोग नाम बदलने और रंग बदलने में लगे रहते हैं। सांसद ने इस तरह की राजनीति को गैरजरूरी बताते हुए सत्ता पक्ष पर निशाना साधा।

सुधाकर सिंह ने बख्तियारपुर के नाम परिवर्तन की मांग को लेकर सरकार को घेरते हुए बिहार में जारी बाढ़ की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य भीषण बाढ़ की चपेट में है और बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे समय में सरकार को बाढ़ पीड़ितों की मदद पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रभावित इलाकों में लोगों के लिए नाव, भोजन और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का भी संकट है। सांसद ने दावा किया कि जमीनी समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार का ध्यान ऐसे मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है, जिनका आम जनता की तत्काल परेशानियों से कोई सीधा संबंध नहीं है।

राजद सांसद ने कहा कि बिहार में इस समय सबसे बड़ी जरूरत बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने, लोगों की जान बचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। उन्होंने सरकार से प्राथमिकताएं तय करने की मांग करते हुए कहा कि जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए।बख्तियारपुर के नाम परिवर्तन की मांग के बीच सुधाकर सिंह के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि एनडीए की ओर से इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।














