नई दिल्ली, 30 अप्रैल (अशोक “अश्क”) भारतीय सेना ने बुधवार को ‘अभ्यास प्रलयंकर’ का रोमांचक वीडियो जारी कर अपनी जबरदस्त सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया। वीडियो में पूर्वी कमांड की मारक क्षमता और लैंड-बेस्ड ब्रह्मोस मिसाइल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम को एक्शन में दिखाया गया। सेना ने पोस्ट के साथ संदेश दिया “रणे जयः निश्चितः, कोऑर्डिनेट्स लॉक्ड”, जो दुश्मनों के लिए स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है। इस अभ्यास में मिसाइल की तैनाती से लेकर लॉन्च तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई, जिससे यह साफ हो गया कि भारतीय सेना तेज, सटीक और तकनीकी रूप से बेहद मजबूत हो चुकी है। सेना के अनुसार, यह अभ्यास न केवल फायरपावर का प्रदर्शन है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की रक्षा क्षमता का भी प्रमाण है।अभ्यास प्रलयंकर का मुख्य उद्देश्य तेज प्रतिक्रिया, समन्वित हमला और युद्धक्षेत्र में प्रभावशीलता को बढ़ाना है।

खासकर पूर्वी क्षेत्र में संवेदनशील सीमाओं को देखते हुए ऐसे अभ्यास बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां सैनिकों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में तैयार किया जाता है। ब्रह्मोस मिसाइल, जिसे भारत और रूस ने संयुक्त रूप से विकसित किया है, दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। करीब 3700 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाली यह मिसाइल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है। इसकी रेंज अब 450 किमी से अधिक हो चुकी है और भविष्य में इसे 800 किमी तक बढ़ाने की योजना है। करीब 8.4 मीटर लंबी और 3000 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल 200-300 किलोग्राम के शक्तिशाली वॉरहेड से लैस होती है, जो दुश्मन के कमांड सेंटर, एयरबेस और रडार साइट को पलभर में तबाह कर सकती है।

इसकी ‘फायर एंड फॉरगेट’ तकनीक इसे और घातक बनाती है। सेना का कहना है कि अभ्यास प्रलयंकर से स्पष्ट संदेश जाता है कि भारत आधुनिक युद्ध के हर मोर्चे पर तैयार है। यह अभ्यास न सिर्फ सैनिकों की क्षमता बढ़ाता है, बल्कि दुश्मनों को भी यह चेतावनी देता है कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और घातक हो चुकी है।

















