नई दिल्ली, 01मई (सेंट्रल डेस्क) मोहाली स्थित राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइपर) में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संस्थान का दौरा कर बड़े संकेत दिए। उनके साथ मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। दौरे के दौरान मंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ अहम बैठक की, जिसमें नाइपर के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने संस्थान की उपलब्धियों, विजन और भविष्य की रणनीति का विस्तृत खाका पेश किया।

उन्होंने बताया कि नाइपर शोध उत्कृष्टता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश को उच्चस्तरीय पेशेवर उपलब्ध करा रहा है। प्रस्तुति में यह भी सामने आया कि संस्थान बायोफार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए सेल एवं जीन थेरेपी, बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स, मेडिकल डिवाइसेज और एआई आधारित फार्माकोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहा है। साथ ही, दो नए स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। मंत्री नड्डा ने भारत को बायोफार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने एपीआई, सिंथेसिस इंटरमीडिएट्स और बायोलॉजिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए नाइपर को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया। दौरे के अंत में उन्होंने औषधीय पौधों के गार्डन का उद्घाटन किया और अत्याधुनिक लैब्स का निरीक्षण करते हुए शोधकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर वित्तीय और नीतिगत समर्थन का आश्वासन दिया।

















