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ज्ञान, शोध और किसान सशक्तिकरण का गूंजा संकल्प: स्वतंत्रता दिवस पर BAU सबौर में 2047 के विकसित भारत का खाका, करोड़ों की परियोजनाओं का ऐलान

बक्सर, 19 अगस्त (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, एनसीसी कैडेट्स और सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति में परेड का निरीक्षण किया गया। वंदे मातरम् और राष्ट्रगान की गूंज के बीच पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, नवाचार, कृषि आत्मनिर्भरता और किसान सशक्तिकरण का भी प्रतीक है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि भारत का अगला अध्याय उनकी प्रयोगशालाओं, शोध और नवाचार से लिखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, शोध आज की सबसे बड़ी देशभक्ति है। कुलपति ने बताया कि बिहार सरकार और कृषि विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालय में सिंदूर (Bixa orellana) एवं एक्जॉटिक फ्रूट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को गति मिली है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत करीब 3.85 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। साथ ही लखीसराय में खाद्य तेल-तेलहन बीज हब और विश्वविद्यालय परिसर में सीड स्टोरेज की स्थापना को भी मंजूरी मिली है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तीसी और सबौर तिल-1 की प्रजातियां अब राष्ट्रीय स्तर पर ब्रीडर सीड की बड़ी मांग पूरी कर रही हैं। वर्ष 2025-26 में एएनआरएफ, बीआरएनएस, एनएसएमपी, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड तथा बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से लगभग 19.70 करोड़ रुपये की अनुसंधान परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। विश्वविद्यालय अब तक 32 पेटेंट, 29 कॉपीराइट और एक ट्रेडमार्क दर्ज करा चुका है।कुलपति ने वन स्टूडेंट-वन फार्मर-वन सॉल्यूशन, किसान प्रोफेसर स्कीम, बीएयू फार्मर प्रॉब्लम बैंक तथा ASSIST मॉड्यूल जैसी महत्वाकांक्षी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि नेतृत्व, नवाचार और ग्रामीण परिवर्तन है।

उन्होंने कहा कि 2047 का विकसित भारत आज की कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और खेतों में तैयार हो रहा है।समारोह का आकर्षण सम्मान समारोह भी रहा, जिसमें एनसीसी कैडेट्स, कुलगीत प्रस्तोता, कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम और आम समागम-2026 से जुड़े विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों सहित कई प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने आत्मनिर्भर कृषि, वैज्ञानिक अनुसंधान, किसान कल्याण और विकसित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

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