बक्सर, 23 सितम्बर (विक्रांत) जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में भाकपा-माले जिला कार्यालय, डुमरांव से एपवा की ओर से प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च थाना पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा के माध्यम से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने तथा पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को न्याय एवं सुरक्षा देने की मांग की गई। सभा का संचालन फूलझारो देवी ने किया, जबकि अध्यक्षता ऊषा देवी ने की।

सभा को एपवा नेत्री पूजा कुमारी, रूबी शर्मा, माले नेता ललन राम और जिला सचिव नवीन कुमार ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जमुई की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषणों में बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए गए दावों का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि छात्राएं स्कूल, कॉलेज और कोचिंग के लिए घर से निकलती हैं, ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पहले से सुरक्षा के ठोस इंतजाम भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल जमुई की एक छात्रा का मामला नहीं, बल्कि पढ़ाई के लिए घर से निकलने वाली हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।

सभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग की गई।प्रतिवाद कार्यक्रम में पुष्पा देवी, पूनम देवी, मोती देवी, चंदा देवी, मुन्नी देवी, मुनेश्वरी देवी, चनिया देवी, सुनीता देवी और लक्ष्मीना देवी समेत दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं। भाकपा-माले की ओर से धर्मेंद्र सिंह, कन्हैया पासवान, महफूज आलम, सर्वेश पाण्डेय, भगवान दास, रिंकू कुरैशी और सुरेंद्र प्रसाद समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में समर्थन दिया।













