नालंदा, 07 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा जिला समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जिलाधिकारी उदिता सिंह के दैनिक जनता दरबार में लोगों की समस्याओं का अंबार लग गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 28 फरियादियों ने अपनी-अपनी शिकायतें सीधे डीएम के समक्ष रखीं। गंभीर मामलों पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जांच कर समयबद्ध कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए। जनता दरबार का सबसे गंभीर मामला बिंद प्रखंड की ताजनीपुर पंचायत के सैदपुर गांव से सामने आया, जहां एक आवेदक ने बीएलओ और कुछ जनप्रतिनिधियों पर वोटर आईडी सूची में कथित रूप से फर्जी तरीके से कई लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया।

शिकायत को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने उप निर्वाचन पदाधिकारी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में भूमि विवाद और कृषि से जुड़े मामले भी प्रमुखता से उठे। अमरूद बागवानी से संबंधित समस्याओं तथा बिना बंटवारे के जमीन की बिक्री की शिकायतों पर डीएम ने अपर समाहर्ता और जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द समाधान निकालने का निर्देश दिया। शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।

रामचंद्रपुर बस स्टैंड से सभी वाहनों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा देवीसराय मोड़ पर संचालित कथित अवैध टेंपू स्टैंड को हटाने की मांग पर जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में एक महिला ने वृद्धावस्था पेंशन बंद होने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर डीएम ने सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक को मामले की जांच कर शीघ्र पेंशन बहाल कराने और पात्र लाभुक को राहत देने के निर्देश दिए।इसके अलावा शिक्षा, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, भूमि एवं अन्य विभागों से संबंधित कई शिकायतें भी जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचीं। उदिता सिंह ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।















