पटना, 03 अप्रैल (पटना डेस्क) देश में एलपीजी संकट ने एक बार फिर 2020 जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। COVID-19 pandemic के दौर की याद दिलाते हुए बिहार के रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल है। दिल्ली, मुंबई, सूरत और वडोदरा से लौट रहे सैकड़ों प्रवासी मजदूर खचाखच भरी ट्रेनों में किसी तरह अपने घर पहुंच रहे हैं।

गया जंक्शन पर पहुंचे मजदूरों ने बताया कि विदेशों में चल रहे युद्ध के कारण गैस की भारी किल्लत हो गई है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी ठप पड़ गई। दिल्ली से लौटे कमलेश कुमार ने कहा कि गैस ब्लैक में 350 से 450 रुपये प्रति किलो तक बिक रही थी, जो उनके लिए असंभव था। वडोदरा से आए कारु यादव ने बताया कि फैक्ट्री मालिक पैसे देने को तैयार था, लेकिन बाजार में गैस ही नहीं थी।

सूरत से लौटे एक मजदूर ने कहा कि 15 दिनों तक गैस नहीं मिली, कुछ दिन होटल में गुजारा किया, लेकिन आखिरकार घर लौटना पड़ा। मजदूरों ने ट्रेन यात्रा को भी बेहद कष्टदायक बताया। उनका कहना है कि भीड़ इतनी थी कि “जानवरों की तरह लदकर” सफर करना पड़ा। संकट ने लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा कर दिया है।















