
बक्सर, 01 अप्रैल (विक्रांत) रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। समाहरणालय सभाकक्ष में प्रधान सचिव, योजना एवं विकास विभाग बिहार सह प्रभारी सचिव बक्सर मंयक वरवडे़ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच करें।

कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने और गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी भ्रामक खबर का तत्काल खंडन करने का आदेश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिले में Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां संचालित हैं। 13 मार्च से 31 मार्च तक 90,034 सिलेंडरों का वितरण किया गया, जबकि वर्तमान में 4,541 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं।

प्रशासनिक सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में औचक निरीक्षण के दौरान दो रेस्टोरेंट्स पर प्राथमिकी दर्ज कर 24 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जिला प्रशासन द्वारा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे प्रेस ब्रीफिंग कर स्टॉक की जानकारी और फेक न्यूज का खंडन किया जा रहा है। साथ ही 16 मार्च से जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित है, जहां आम लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।प्रवासी श्रमिकों की निगरानी भी तेज कर दी गई है और उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि एलपीजी या आवश्यक वस्तुओं को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















