बक्सर, 02 अक्टूबर (विक्रांत) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर बिहार सरकार ने काराओं में बंद दोषसिद्ध बंदियों को बड़ी राहत दी है। एक बारगी उपाय के तहत परिहार का लाभ देते हुए बक्सर की जेलों में बंद सात सजायाफ्ता कैदियों को कारामुक्त किया जा रहा है। राज्य सरकार के निर्णय के बाद जिला और राज्य स्तरीय समितियों की अनुशंसा के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।जानकारी के अनुसार, बक्सर जिले की जिला स्तरीय समिति से प्राप्त अनुशंसाओं पर राज्य स्तरीय समिति की बैठक में सजायाफ्ता बंदियों की कारामुक्ति के लिए अनुशंसा किए जाने का निर्णय लिया गया।

इसके तहत केंद्रीय कारा, बक्सर में संसीमित चार और मुक्त कारागार, बक्सर में बंद तीन सजायाफ्ता बंदियों को रिहा किया जा रहा है।केंद्रीय कारा से मुक्त होने वालों में रोहतास जिले के हरिवंश राम (84), रामवृक्ष कोईरी (93), रामाश्रय कोईरी (80) और सत्यनारायण राम (83) शामिल हैं। वहीं मुक्त कारागार, बक्सर से पटना जिले के विश्वनाथ यादव (73), पश्चिम चंपारण जिले के हंसराज राम उर्फ हंसराज चमार (81) और सहरसा जिले के बलराम सिंह (78) को कारामुक्त किया जा रहा है।

रिहाई पाने वालों में सबसे अधिक उम्र 93 वर्ष के रामवृक्ष कोईरी की है। इसके अलावा 84, 83, 81 और 80 वर्ष की उम्र के बंदी भी सूची में शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार के इस विशेष निर्णय के दायरे में बड़ी उम्र के सजायाफ्ता बंदियों को भी राहत मिली है। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लिए गए इस निर्णय के तहत परिहार का लाभ मिलने के बाद सातों बंदियों की कारामुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में समिति की अनुशंसा के बाद यह कदम उठाया गया है। गांधी जयंती पर बक्सर से सामने आई यह रिहाई की कार्रवाई जेल प्रशासन और बंदियों के बीच विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है।














