पटना 20 अगस्त (पटना डेस्क) पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार में साफ दिखाई देने लगा है। भागलपुर में गंगा नदी तेजी से उफान पर है और जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने तटीय एवं दियारा क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि गंगा अब खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रही है, जबकि प्रशासन ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि बुधवार शाम छह बजे भागलपुर गेज पर गंगा का जलस्तर 32.09 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह छह बजे यह 31.99 मीटर था। यानी मात्र 12 घंटे में जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।

उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है और अगले एक सप्ताह तक इसमें लगातार बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। भागलपुर में गंगा का खतरे का निशान 33.68 मीटर है। वर्तमान जलस्तर इससे केवल 1.59 मीटर नीचे रह गया है। वहीं नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 34.86 मीटर है। आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 31.07 मीटर था। इस प्रकार पिछले 36 घंटों में नदी का जलस्तर 1.02 मीटर बढ़ चुका है, जिसने बाढ़ की आशंका को और गंभीर बना दिया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर दियारा और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे खेतों की ओर फैल रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

मक्का, परवल, हरी सब्जियां तथा अन्य खरीफ फसलें डूबने के खतरे में हैं। वहीं पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी गहराने लगा है।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी आने के कारण बक्सर से कहलगांव तक गंगा उफान पर है। बीते 24 घंटों में बक्सर में 1.04 मीटर, दीघा में 42 सेंटीमीटर, गांधी घाट और हाथीदह में 33-33 सेंटीमीटर, मुंगेर में 48 सेंटीमीटर, भागलपुर में 41 सेंटीमीटर तथा कहलगांव में 22 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सभी तटबंधों, स्लूइस गेटों और संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।













