नई दिल्ली, 06 मई (अशोक “अश्क”) देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 22 किस्तों में 4.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के ताजा आंकड़ों ने इस योजना की व्यापक पहुंच और प्रभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। सरकार के अनुसार, इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाई है।

करीब 2.17 करोड़ महिला किसानों को अब तक 1.10 लाख करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अब किसानों की नजर 23वीं किस्त पर टिकी है। हालांकि सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई 2026 तक किसानों के खातों में 2000 रुपये की अगली किस्त भेजी जा सकती है। पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार, वित्तीय वर्ष की पहली किस्त आमतौर पर जून से अगस्त के बीच जारी की जाती है।इस बीच सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं।

अब नए किसानों के लिए पंजीकरण के दौरान ‘फॉर्मर आईडी’ बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इस आईडी के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाना और वास्तविक किसानों तक ही सहायता पहुंचाना है।सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें, बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं और भूमि सत्यापन की प्रक्रिया भी अपडेट रखें। इन औपचारिकताओं में किसी तरह की कमी रहने पर किस्त आने में बाधा आ सकती है।‘PM-किसान पोर्टल’ के माध्यम से अब किसान अपनी किस्त की स्थिति, पंजीकरण और अन्य जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि डिजिटल माध्यम से किसानों को सशक्त भी बना रही है।


















