• Home
  • राष्ट्रीय
  • कागज़ी अधिकार नहीं, ज़मीन पर न्याय चाहिए: CJI की सख्त चेतावनी, ‘न्याय मित्र’ पोर्टल लॉन्च
Image

कागज़ी अधिकार नहीं, ज़मीन पर न्याय चाहिए: CJI की सख्त चेतावनी, ‘न्याय मित्र’ पोर्टल लॉन्च

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (अशोक “अश्क”) देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने न्याय व्यवस्था को लेकर बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल कागज़ों पर मौजूद अधिकारों का कोई अर्थ नहीं है, जब तक आम नागरिक उन्हें व्यवहार में उपयोग न कर सकें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत में अधिकारों की कमी नहीं, बल्कि चुनौती उनके प्रभावी क्रियान्वयन की है। मुख्य न्यायाधीश ने जोर देते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की असली कसौटी यही है कि आम आदमी अपने अधिकारों तक कितनी आसानी से पहुंच पा रहा है।

अगर अधिकार सिर्फ दस्तावेज़ों तक सीमित रह जाएं, तो वे “खोखले वादे” बनकर रह जाते हैं। इस दौरान उन्होंने ‘न्याय मित्र’ पोर्टल का शुभारंभ किया, जो आम लोगों को न्यायिक सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह पोर्टल खासकर दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें अदालतों तक पहुंचने में भौगोलिक और आर्थिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। CJI ने कहा कि देश के कई हिस्सों में कमजोर बुनियादी ढांचा और संसाधनों की कमी न्याय पाने में बड़ी रुकावट बनती है, जिसे दूर करना न्याय प्रणाली की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से किया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘सभी के लिए न्याय तक पहुंच’ और ‘बाधाओं से परे न्याय’ रहा, जिसमें वंचित और कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में पुनर्वास, सुधार और अधिकारों की सुलभता बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर जोर दिया गया। अंत में CJI ने स्पष्ट कहा कि लक्ष्य यही होना चाहिए कि न्याय हर नागरिक के दरवाजे तक पहुंचे वह भी सरल, तेज और प्रभावी तरीके से, ताकि अधिकार वास्तव में लोगों के जीवन में बदलाव ला सकें।

Releated Posts

कठुआ में CISF कैंप में खूनी खेल: AK-47 से साथियों पर बरसायी गोलियां, चार जवानों की मौत

नई दिल्ली, 30 सितम्बर (सेंट्रल डेस्क) जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार को सीआईएसएफ कैंप के भीतर हुई…

ByByअशोक अश्क सितम्बर 30, 2026

चार दशक बाद फिर चमका लखनऊ यूनिवर्सिटी का लॉ विभाग, विक्रम नाथ संभालेंगे CJI की कमान

नई दिल्ली, 27 सितम्बर (अशोक “अश्क”) लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी करने के करीब चार दशक…

ByByअशोक अश्क सितम्बर 27, 2026

जेनरेशन गटर से देश की ताकत तक: कंगना रनौत के बदले सुर, Gen Z पर नए बयान से फिर छिड़ी बहस

नई दिल्ली, 07 अगस्त (अशोक “अश्क”) अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयानों को…

ByByअशोक अश्क अगस्त 7, 2026

वीर सपूतों को सलाम: फाउंडेशन स्कूल में वीरों की गाथा सुन छलक पड़े आंसू

बक्सर, 31 जुलाई (विक्रांत) कारगिल विजय दिवस पर फाउंडेशन स्कूल, बक्सर का सभागार रविवार को राष्ट्रभक्ति, वीरता और…

ByByअशोक अश्क जुलाई 31, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top