दरभंगा, 27 जून (अजय राय) बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में सहायक दारोगा मो. मोबिन को गोली मारने के आरोपित सुनील सहनी की मौत के बाद पूरे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। एहतियात के तौर पर गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस की निगरानी में मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला गया, जो शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। पोस्टमार्टम के बाद सुनील सहनी का शव गांव लाया गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया गया। देर रात तक सदर एसडीपीओ राजीव कुमार गांव में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए रहे। पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा और कई घरों के लोग बाहर नहीं निकले।

मामले में सुनील के पिता दिलीप सहनी ने नौ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें राहुल सहनी, कन्हैया पासवान, मोहन सहनी, सोहन सहनी, राजकिशोर सहनी, सहायक दारोगा मो. मोबिन तथा मुस्लिम समाज के तीन अन्य लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि विवाद के कारणों की गहन जांच की जा रही है। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में लंबे समय से वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव चल रहा था और हाल के दिनों में मारपीट व फायरिंग की घटनाएं भी हुई थीं। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है। मो. मोबिन पटना में सिविल कोर्ट की सुरक्षा में सहायक दारोगा के पद पर तैनात थे और मुहर्रम के अवसर पर छुट्टी लेकर गांव आए थे। वहीं, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुनील सहनी के विरुद्ध पहले से अपहरण, मारपीट, लूट, रंगदारी और अन्य मामलों में कई प्राथमिकी दर्ज थीं। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कायम रखी गई है।














