नालंदा, 20 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के उच्च शिक्षण संस्थानों में व्याप्त समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी बिहारशरीफ नगर इकाई ने बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्र हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। ज्ञापन जिला संयोजक प्रतीक राज के नेतृत्व में सौंपा गया।ज्ञापन में एबीवीपी ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की। संगठन का कहना है कि वर्षों से शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

परिषद ने मिशन मोड में पुराने एवं नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में एक माह के भीतर नियमित शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी। संगठन ने नए डिग्री महाविद्यालयों में मैथिली के साथ-साथ भोजपुरी, मगही, संस्कृत और पाली जैसी भारतीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने की मांग की। परिषद के अनुसार इससे बिहार की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को मजबूती मिलेगी तथा छात्रों को अपनी मातृभाषा में अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा। एबीवीपी ने स्नातकोत्तर स्तर पर एक वर्षीय एवं दो वर्षीय दोनों प्रकार के एम.ए. पाठ्यक्रम संचालित करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा इंटर्नशिप और वॉलंटियरशिप के नाम पर छात्रों से की जा रही कथित अवैध वसूली की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की गई।

ज्ञापन में महाविद्यालयों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, छात्रावास, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही नए कॉलेजों में पर्याप्त भवन, कक्षाएं, शिक्षण संसाधन और आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। एबीवीपी नेताओं ने कहा कि छात्रों से जुड़े शुल्क और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, अनावश्यक शुल्क वृद्धि पर रोक लगाने तथा सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की।ज्ञापन सौंपने के दौरान एबीवीपी के प्रांत फार्मा विजन प्रमुख सत्यम कुमार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य साहिल मेहता, आरकेएम सह प्रमुख सुमित पटेल सहित संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

















