नालंदा, 16 अप्रैल (अविनाश पांडेय) न्यायिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नालंदा न्यायमंडल में अब नियमित और अग्रिम जमानत आवेदन के लिए ई-फाइलिंग अनिवार्य कर दी गई है। गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव दिनेश कुमार, नमिता सिंह सहित कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

निर्णय के अनुसार अब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नालंदा के न्यायालय में जमानत से जुड़े सभी आवेदन केवल ई-फाइलिंग के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। बताया गया कि इससे पहले भी नालंदा व्यवहार न्यायालय में एन.आई. एक्ट की धारा 138 के तहत दायर मामलों में ई-फाइलिंग व्यवस्था लागू थी।

अब इस दायरे को बढ़ाते हुए नियमित और अग्रिम जमानत आवेदन भी इसमें शामिल कर दिए गए हैं। आवेदक स्वयं या अधिकृत ई-सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन दाखिल कर सकते हैं। जिन अधिवक्ताओं को तकनीकी दिक्कत हो, वे बिहारशरीफ या हिलसा स्थित ई-सेवा केंद्रों पर तैनात कर्मियों और पारा विधिक स्वयंसेवकों से सहायता ले सकते हैं।

यह नई व्यवस्था 27 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। अधिवक्ता संघ ने इसे सरल, पारदर्शी और जनहितकारी कदम बताते हुए स्वागत किया है। न्यायालय प्रशासन ने सभी से सहयोग की अपील की है।














