पटना, 06 सितम्बर (अविनाश कुमार) बिहार के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को आसान करते हुए अलग-अलग प्रमाण पत्रों के लिए होने वाली भागदौड़ पर बड़ा ब्रेक लगा दिया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र आवेदकों को NCL प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले की तरह अलग-अलग जाति, आवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद पात्र अभ्यर्थी सीधे NCL प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।

इससे अलग-अलग दस्तावेज तैयार कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होगी। साथ ही प्रमाण पत्र जारी होने में लगने वाले समय में भी कमी आने की उम्मीद है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक NCL प्रमाण पत्र में आवेदक की जाति और स्थायी पते से संबंधित आवश्यक जानकारी पहले से दर्ज रहती है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर इसे संबंधित मामलों में जाति और निवास प्रमाण पत्र के रूप में भी मान्य किया जा सकता है। इससे छात्रों और अभ्यर्थियों को अलग-अलग स्थानों पर बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी। NCL की आय सीमा निर्धारित करने को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। माता-पिता के वेतन और कृषि से होने वाली आय की गणना को लेकर लागू नियमों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है।

इससे आय की गणना को लेकर उत्पन्न होने वाले भ्रम और अनावश्यक आपत्तियों में कमी आने की उम्मीद है। बिहार के सभी 38 जिलों में यह नई व्यवस्था समान रूप से लागू होगी। सरकार के इस कदम से प्रतियोगी परीक्षाओं, शैक्षणिक दाखिले और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में NCL प्रमाण पत्र की जरूरत वाले हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना है। अब एक ही प्रक्रिया के माध्यम से प्रमाण पत्र हासिल करने से समय, श्रम और अनावश्यक सरकारी दौड़-भाग तीनों बचेंगे। नई व्यवस्था को तत्काल लागू करने के निर्देश के बाद जिला स्तर पर इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर होगी।













