नालंदा, 23 सितम्बर (सहयोगी संवाददाता विक्रांत) आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर औषधीय पौधों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल सामने आई। पान अनुसंधान केन्द्र, इस्लामपुर, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ओर से कृषि अनुसंधान संस्थान (एआरआई), पटना में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “Ayurveda for a Healthier Tomorrow” तथा थीम “One Health, One Future: Integrating Ayurveda Science through Evidence, Innovation and Holistic Care” रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक अनुसंधान डॉ. ए. के. सिंह ने की। इस अवसर पर एआरआई, पटना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस. एन. दास की प्रमुख उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान लखीसराय जिले के जनजातीय किसानों के बीच करीब 15,000 तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। पौधों के वितरण की पहल जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन एवं जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार के आग्रह और समन्वय से पूरी हुई। इस दौरान किसानों को तुलसी समेत अन्य औषधीय पौधों की उपयोगिता, संरक्षण और उनके स्वास्थ्य तथा आजीविका में संभावित महत्व की जानकारी दी गई।

वैज्ञानिकों ने औषधीय पौधों के संरक्षण और उनके व्यवस्थित उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया।कार्यक्रम में RAWE छात्रा वर्षा कुमारी समेत करीब 40 से 45 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को विभिन्न औषधीय पौधों की पहचान कराने के साथ उनके औषधीय गुणों की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। इससे छात्रों को कृषि अनुसंधान और आयुर्वेद आधारित औषधीय पौधों के क्षेत्र को करीब से समझने का अवसर मिला।

मौके पर डॉ. एस. पी. सिन्हा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. प्रभात कुमार एवं डॉ. अजीत कुमार पांडेय समेत वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों और विद्यार्थियों के बीच औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इनके संरक्षण को प्रोत्साहित करना तथा आयुर्वेद और वैज्ञानिक कृषि अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। तुलसी वितरण को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

















