बक्सर, 21 सितम्बर (विक्रांत) कृषि विज्ञान केंद्र, भागलपुर में 20 सितंबर को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) गौतम कुमार सिंह के साथ विशेष संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, कृषि उद्यमिता, रोजगार सृजन, नवाचार, परियोजना विकास और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। गौतम कुमार सिंह ने नाबार्ड की कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर विकसित करने तथा नवाचार और परियोजनाओं को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर की भूमिका बताते हुए कृषि क्षेत्र के नवाचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र, भागलपुर में कृषि पर्यटन (Agri-Tourism) के विकास में सहयोग का आश्वासन दिया।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने ने RAWE कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए “One Student, One Farmer, One Solution” की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित करने का आह्वान किया। कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनीता कुमारी ने किसानों के हित में किए जा रहे प्रसार एवं तकनीकी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने KVK में कृषि पर्यटन के विकास की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में सुश्री अदिति पांडेय और सुश्री स्वप्निल ने “One Student, One Farmer, One Solution” विषय पर प्रस्तुति दी। इस दौरान किसानों की समस्याओं के दस्तावेजीकरण और समाधान विकसित करने में विद्यार्थियों की भूमिका रेखांकित की गई।कार्यक्रम में डॉ. अभय मंकर, डॉ. एम. जे. होता, डॉ. पवन कुमार, सुश्री स्वाति कुमारी, नाबार्ड के एजीएम नितेश कुमार एवं ललन कुमार समेत विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, वैज्ञानिक और RAWE विद्यार्थी मौजूद रहे। समापन प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र के साथ हुआ।














