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अब हर विद्यार्थी बनेगा किसान की समस्या का समाधानकर्ता: बिहार कृषि विश्वविद्यालय की अनूठी पहल, 19 विश्वविद्यालयों के 397 छात्र जुड़े

बक्सर, 13 सितम्बर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने विद्यार्थियों के ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) को अधिक व्यावहारिक और किसान-केंद्रित बनाने के लिए महत्वाकांक्षी पहल ‘एक विद्यार्थी, एक किसान, एक समाधान’ की शुरुआत की है। कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने किया। इस पहल से देश के 19 विश्वविद्यालयों के 397 विद्यार्थी जुड़े हैं, जो विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से RAWE कर रहे हैं।पहल के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को एक किसान से जोड़ा गया है।

विद्यार्थी किसान के खेत पर पहुंचकर उसकी कृषि व्यवस्था और प्रमुख समस्या को समझेगा। इसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालय के विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में किसान के साथ मिलकर स्थानीय, व्यावहारिक और कम लागत वाला समाधान तैयार कर उसे खेत पर लागू करने का प्रयास करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य RAWE को महज खेत भ्रमण तक सीमित रखने के बजाय समस्या की पहचान, वैज्ञानिक समाधान और उसके वास्तविक प्रभाव से जोड़ना है।

किसानों के स्थानीय ज्ञान, पारंपरिक अनुभव, जमीनी नवाचार और कम लागत वाली तकनीकों का भी दस्तावेजीकरण किया जाएगा। उपयोगी नवाचारों का वैज्ञानिक परीक्षण कर सफल होने पर उन्हें दूसरे किसानों तक पहुंचाया जाएगा।कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि किसान जलवायु परिवर्तन, रोग-कीट, मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, सिंचाई, बढ़ती लागत और फसल के उचित मूल्य जैसी अनेक चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

विद्यार्थियों को इन समस्याओं का ऐसा समाधान खोजना होगा, जिसका खेत और किसान की आय पर स्पष्ट एवं मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने इसे ‘लैब टू लैंड और लैंड टू लैब’ का बेहतर उदाहरण बताया।उन्होंने विद्यार्थियों को किसान की बात ध्यान से सुनने, वास्तविक समस्या समझने, फसलों की जियो-टैग तस्वीरें लेने और पूरे कार्य का व्यवस्थित दस्तावेज तैयार करने का निर्देश दिया। कहा कि किसी किसान के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही विद्यार्थी के प्रयास की असली सफलता होगी। कार्यक्रम में RAWE विद्यार्थियों ने पहल की कार्यप्रणाली प्रस्तुत की। डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज की अदिति पांडे और वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव के स्वप्निल ने प्रस्तुतियां दीं। कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनीता कुमारी ने स्वागत किया।इस अवसर पर प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर. के. सोहाने, अधिष्ठाता कृषि डॉ. ए. के. साह, निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह और सह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. एन. सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पहल से RAWE को परिणामोन्मुख बनाने और विद्यार्थियों को किसानों की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने की उम्मीद है।

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