समस्तीपुर, 13 सितम्बर (मोहम्मद जमशेद) सहरसा सदर अस्पताल में मिड-डे मील का दूषित खाना खाने से बच्चों के बीमार होने की घटना की रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। समस्तीपुर राजद अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष फैयाज अहमद ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताते हुए इसे लोकतंत्र एवं पत्रकारिता पर हमला करार दिया है। फैयाज अहमद ने कहा कि बच्चों के बीमार होने जैसे संवेदनशील मामले की जमीनी हकीकत सामने लाना पत्रकार का लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायित्व है। ऐसे मामले की रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकार के साथ कथित तौर पर मारपीट करना, गाली-गलौज करना और धमकी देना गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को डराने या दबाव में रखने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजद नेता ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के माध्यम से घटना की वास्तविकता सामने आनी चाहिए और यदि पत्रकार के साथ मारपीट या धमकी की पुष्टि होती है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को समाज का प्रहरी माना जाता है। यदि पत्रकार ही अपनी जिम्मेदारी निभाते समय भय और दबाव के माहौल में काम करेंगे तो आम लोगों की समस्याएं और घटनाएं सामने लाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

फैयाज अहमद ने सहरसा में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों के बीमार होने की मूल घटना की भी गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। संबंधित व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि पत्रकार निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारी निभा सकें और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता बनी रहे।














