पटना, 12 सितम्बर (पटना डेस्क) साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए दिल्ली सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को ओडिशा के कुजंग थाना क्षेत्र में मोबाइल सिम बिक्री की एक दुकान पर दिनभर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दुकान से एक्टिवेट किए गए 400 से अधिक सिम कार्डों का पता चला। सीबीआई अधिकारियों ने सभी संदिग्ध सिम कार्डों से संबंधित सूची तैयार कर अपने कब्जे में ले ली। जांच की यह कार्रवाई बिहार में सामने आए एक साइबर अपराध मामले से जुड़े सुराग के बाद की गई।जानकारी के अनुसार, कुजंग थाना क्षेत्र के पारिअंग गांव निवासी राजेश नायक उर्फ राजा तालदंडा नहर बांध के समीप मोबाइल रिचार्ज और सिम बिक्री की दुकान चलाता है।

शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे दिल्ली सीबीआई की टीम ने ओडिशा शाखा के अधिकारियों के सहयोग से दुकान पर छापेमारी शुरू की। करीब साढ़े दस घंटे तक चली कार्रवाई शाम 7:30 बजे तक जारी रही।सीबीआई की जांच के दौरान पता चला कि बिहार में दर्ज एक मामले से जुड़े करीब 58 सिम कार्ड इसी दुकान से विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के माध्यम से एक्टिवेट किए गए थे। इसके बाद टीम ने दुकान में उपलब्ध दस्तावेजों, सिम एक्टिवेशन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जानकारियों की गहन जांच की।जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दुकान से फर्जी दस्तावेजों और गलत पतों के आधार पर 400 से अधिक सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे। अधिकारियों ने इन सिम कार्डों से संबंधित डेटा और सूची को जांच के लिए अपने साथ ले लिया।

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय किए जा रहे कई सिम कार्डों का डेटा साइबर अपराधियों तक पहुंचने की आशंका है। इन नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किए जाने की जांच की जा रही है। सीबीआई इसी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक साथ कार्रवाई कर रही है। बताया गया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह के साइबर अपराध की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुजंग क्षेत्र के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं, एक अन्य कारोबारी के पास से 900 से अधिक फर्जी और गलत पते वाले सिम कार्ड बरामद होने की बात सामने आई थी। ताजा छापेमारी के बाद साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिम नेटवर्क को लेकर जांच और तेज होने की संभावना है।
















