बक्सर, 05 सितम्बर (विक्रांत) ब्रह्मपुर प्रखंड की उत्तरी नैनीजोर पंचायत में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पंचायत के ढाबी, गजाधर डेरा और तार गांव पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को भोजन, पीने का पानी, दवा और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराने लगा है। रविवार को इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) और भाकपा (माले) की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली और सरकारी राहत-बचाव व्यवस्था का जायजा लिया।

टीम में RYA के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा, युवा नेता बीरन यादव, सुरेंद्र कुशवाहा, निर्भय यादव और सुरेश राम शामिल थे। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली।दौरे के बाद डॉ. अजीत कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद सरकारी राहत और बचाव की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि गांवों के आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में बड़ी मोटर चालित नावें उपलब्ध नहीं हैं। डेंगी नावों से आवागमन करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त लाइफ जैकेट भी नहीं होने का आरोप लगाया।

डॉ. कुशवाहा ने कहा कि अधिकारियों के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन आम ग्रामीणों को छोटी नावों से जोखिम के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि एसडीएम डुमरांव को पंचायत की स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल राहत एवं बचाव व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। टीम ने उत्तरी नैनीजोर पंचायत को तत्काल बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, पर्याप्त मोटर चालित नाव और लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके अलावा प्रभावित गांवों में 24 घंटे मेडिकल कैंप लगाने, परिवारों को सूखा राशन और पेयजल उपलब्ध कराने तथा मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करने की मांग रखी गई।डॉ. कुशवाहा ने कहा कि राहत के नाम पर खानापूर्ति के बजाय सरकार को युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चलाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो बाढ़ पीड़ितों के अधिकारों के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा।














