बक्सर, 4 सितंबर (विक्रांत) डुमरांव प्रखंड के एक विद्यालय में नाबालिग छात्राओं के साथ दो शिक्षकों द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से दोनों शिक्षक छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करते रहे। इसकी जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। मामला बढ़ने पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पहल करते हुए अपने परिजनों और ग्रामीणों के साथ विद्यालय पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया। विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया और आरोपों के घेरे में आए दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों की ओर से दोनों शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग लगातार की जा रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को पार्टी के राज्य कमिटी नेता धर्मेंद्र यादव, आरवाईए नेता सुरेंद्र कुशवाहा, बीरन यादव, आशीष आनंद, सोनू यादव समेत अन्य कार्यकर्ता विद्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र-छात्राओं, परिजनों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली तथा उनकी मांगों का समर्थन किया। आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व डुमरांव विधायक अजीत कुमार सिंह ने घटना को बेहद गंभीर और घृणित बताते हुए कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों शिक्षकों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

अजीत कुमार सिंह ने प्रशासन से दोनों शिक्षकों को तत्काल गिरफ्तार करने, पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने तथा मामले की स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनवाई कर दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बच्चों के साथ इस तरह के कथित दुर्व्यवहार को अंजाम देने का दुस्साहस न कर सके। उन्होंने सरकार पर भी निशाना साधते हुए छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन को मामले में पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

















