पटना, 03 सितम्बर (पटना डेस्क) सिल्क सिटी भागलपुर और आसपास के इलाकों में तीन-चार दिनों तक गंगा के जलस्तर में आई गिरावट से मिली राहत बुधवार से पूरी तरह खत्म हो गई। नदी के तेवर एक बार फिर तल्ख हो गए हैं और 24 घंटे में कई इलाकों में जलस्तर 10 से 15 सेंटीमीटर तक बढ़ा है। गंगा के बढ़ते दबाव से तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी दोबारा फैलने लगा है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।नाथनगर के दियारा क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ने की सूचना है। पहले जिन आंगनों और रास्तों से पानी उतर गया था, वहां फिर जलजमाव शुरू हो गया है। दियारा के लोग पलायन की आशंका से सहमे हुए हैं। नवगछिया में गंगा और कोसी दोनों नदियों के उफान पर होने से निचले इलाकों में जलस्तर करीब 10 सेंटीमीटर बढ़ा है।

अजगैवीनाथ धाम सुल्तानगंज क्षेत्र में बारिश के बाद गंगा का बहाव विकराल हो गया है। कई बस्तियों तक पानी पहुंच गया है। पीरपैंती के दियारा इलाके में खेत डूबने से मिर्च, हरी सब्जियां और मक्का-चारे की फसलें प्रभावित हुई हैं। चारे के संकट को देखते हुए पशुपालक मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों और बांधों की ओर जाने लगे हैं।कहलगांव के मुख्य रिहायशी क्षेत्रों में फिलहाल पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन भागलपुर-कहलगांव सड़क के निचले हिस्सों को पानी छूने लगा है। राघोपुर तटबंध पर रातभर चला बचाव अभियानगंगा के दबाव और कटाव के खतरे को देखते हुए राघोपुर जमींदारी तटबंध पर बुधवार देर रात से गुरुवार अलसुबह तक फ्लड फाइटिंग जारी रही। गिट्टी, बालू से भरे जियो बैग और ईंट डालकर कमजोर हिस्से को मजबूत किया गया।

प्रशासन और तकनीकी टीम तटबंध पर लगातार निगरानी कर रही है।50 ट्रकों से जाम, मंत्री ने मुख्य सचिव से की बातबचाव सामग्री लेकर करीब 50 ट्रकों के जान्हवी चौक के पास खड़े रहने से नवगछिया-भागलपुर मार्ग पर जाम लग गया। पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से फोन पर बात कर आपातकालीन वाहनों और राहत सामग्री की गाड़ियों के लिए सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।













