बेतिया, 01 सितंबर (विनयनकुम गुप्ता) पश्चिम चम्पारण के बगहा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक अनूठी और सराहनीय पहल शुरू की गई है। हरनाटांड़ परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल में जन्म लेने वाली नवजात बेटियों के माता-पिता को विशेष बधाई एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित करने की शुरुआत की गई। पहल का उद्देश्य बेटियों के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि खुशी और गौरव का अवसर मानने के लिए समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान नवजात बेटियों के माता-पिता को सम्मान पत्र सौंपकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। अस्पताल प्रशासन की इस पहल से परिवारों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटी से ही परिवार और बेहतर समाज की कल्पना साकार होती है। बेटियों को समान अवसर और सम्मान देकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल लोगों की सोच बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह ने कहा कि बेटी का जन्म पूरे परिवार और समाज के लिए गौरव तथा खुशी का अवसर है। उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने से समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच को बदलने में मदद मिलेगी। बेटी किसी भी दृष्टि से अभिशाप नहीं, बल्कि परिवार के लिए अमूल्य वरदान है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में नवजात बेटियों के माता-पिता को सम्मानित करने का उद्देश्य केवल प्रमाण पत्र देना नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना है कि बेटियों का जन्म सम्मान और उत्सव का विषय है। इससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।कार्यक्रम के दौरान कई नवजात बेटियों के माता-पिता को सम्मान पत्र प्रदान किया गया। इस पहल को स्थानीय लोगों ने भी सराहा। मौके पर डॉ. राजेंद्र काजी, बिट्टू काजी, राजकुमार महतो, अशोक महतो, प्रेमनाथ काजी, हरिहर महतो और पप्पू खतईत समेत दर्जनों स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संदेश दिया।












