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बिना अनुमति प्रदर्शन पड़ा भारी: पूर्व मंत्री मुकेश सहनी समेत 84 पर मुकदमा, संकल्प यात्रा रद्द कर पटना लौटे

पटना, 25 अगस्त (पटना डेस्क) कलेक्ट्रेट परिसर में बिना अनुमति प्रदर्शन और हंगामा करना विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी समेत 84 लोगों को भारी पड़ गया। पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, नारेबाजी करने और फरियादियों को परेशानी होने सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व मंत्री ने आगे का कार्यक्रम रद्द कर दिया और सोमवार रात पटना लौट आए। अब उरई में उनकी संकल्प यात्रा की नई तारीख बाद में तय की जाएगी। मुकेश सहनी सोमवार दोपहर करीब दो बजे कार से संकल्प यात्रा लेकर जनपद पहुंचे थे। शहर के होटल जायसवाल टावर में कार्यक्रम प्रस्तावित था। वहां पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं मिली है।

इसके बाद वह कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा स्थल पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। जेल चौकी प्रभारी विवेक मिश्रा ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर पूर्व मंत्री समेत आठ नामजद, 70 अज्ञात लोगों और छह निजी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, नारेबाजी और भाषण के कारण कलेक्ट्रेट पहुंचे फरियादियों को परेशानी होने के आरोप लगाए गए हैं।मुकदमा दर्ज होने के बाद वीआईपी नेतृत्व ने उरई और गोरखपुर क्षेत्र में प्रस्तावित संकल्प यात्रा के कार्यक्रम को फिलहाल रद्द कर दिया। पार्टी के सेंट्रल मीडिया प्रभारी दिनेश सहनी ने बताया कि पूर्व मंत्री के पटना से लौटने के बाद नई तारीख तय की जाएगी।

इसके बाद उरई से संकल्प यात्रा फिर शुरू कर गोरखपुर क्षेत्र की ओर ले जाने की योजना है। मुकेश सहनी ने फोन पर बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी की ओर से कार्यक्रम की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उसे बिना कारण रद्द कर दिया गया। उन्होंने सोमवार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी या पार्टी की ओर से किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह दोबारा उरई आएंगे और गांव-गांव भ्रमण कर लोगों से संवाद करेंगे। हालांकि, इसके लिए तारीख बाद में निर्धारित की जाएगी। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस कार्रवाई और संकल्प यात्रा की अगली रणनीति पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

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