मुजफ्फरपुर, 03 अगस्त (संतोष गुप्ता) मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-77) पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बीच सड़क पर एक विशालकाय पेड़ अचानक गिर पड़ा। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई और दोनों ओर ट्रक, बस, कार, एंबुलेंस तथा अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भीषण जाम में फंसे यात्रियों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ गिरने के तुरंत बाद सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी, लेकिन एक घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी प्रशासनिक टीम या वन विभाग के कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।

प्रशासन की सुस्ती के बीच स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। लोगों ने एकजुट होकर कुल्हाड़ी और अन्य उपकरणों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ की कटाई शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद पेड़ को हटाने का प्रयास तेज किया गया, ताकि किसी तरह यातायात व्यवस्था बहाल हो सके और जाम में फंसे लोगों को राहत मिल सके। जाम के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, मरीजों को लेकर जा रहे वाहन और लंबी दूरी की बसों के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग तेज धूप और उमस के बीच घंटों वाहनों में फंसे रहे। हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और दोनों ओर वाहनों की कतार लगातार बढ़ती गई।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे व्यस्त मार्गों पर आपदा की स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।फिलहाल इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे एनएच-77 पर जाने से बचें। यात्री सहबाजपुर सामुदायिक भवन से दुर्गा स्थान लिंक रोड अथवा आसपास के ग्रामीण मार्गों और बाईपास का उपयोग करें। प्रशासन को उम्मीद है कि पेड़ हटते ही यातायात जल्द सामान्य कर दिया जाएगा।













