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15 जुलाई से बदलेगी जमीन रजिस्ट्री की तस्वीर! बिहार में लागू होगी पेपरलेस व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगा पूरा काम

पटना, 11 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। 15 जुलाई से राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे लोगों को लंबी कागजी औपचारिकताओं और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। निबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने पात्र आवेदकों को शीघ्र सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि नई डिजिटल व्यवस्था बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।

नई व्यवस्था के तहत वर्तमान में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी दस्तावेज नवीस (कातिब), प्रशिक्षु दस्तावेज नवीस, स्टांप वेंडर तथा रजिस्ट्री कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में अधिकृत किया जाएगा। बिहार स्टांप नियमावली, 2026 के तहत इन्हें निर्धारित शैक्षणिक एवं अन्य योग्यताओं में विशेष छूट भी दी गई है, जिससे अनुभवी लोगों को डिजिटल प्रणाली से आसानी से जोड़ा जा सके।सर्विस प्रोवाइडर आईआरएस पोर्टल पर जमीन खरीदने और बेचने वाले पक्षकारों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। दस्तावेजों की ई-फाइलिंग, ई-साइन, बायोमेट्रिक सत्यापन, संपत्ति का सरकारी मूल्यांकन, स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क का निर्धारण भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और ई-स्टांप कोड उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की होगी।

सरकार का मानना है कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी प्रक्रिया होने से समय की बचत होगी और दस्तावेजों के रखरखाव में भी आसानी होगी।बांका जिले में प्रतिदिन औसतन करीब 100 दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 25,103 दस्तावेजों का निबंधन हुआ। वहीं 86.38 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के मुकाबले 92.89 करोड़ रुपये की वसूली कर विभाग ने 107 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। बांका के जिला अवर निबंधक हेमंत कुमार ने बताया कि 15 जुलाई से पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। इसके लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। नई व्यवस्था के साथ बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया आधुनिक, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल युग में प्रवेश करेगी।

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