पटना, 11 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार की सबसे चर्चित और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। उम्मीदवार चयन को लेकर भाजपा के लगातार दो फैसलों ने विपक्ष को हमला बोलने का मौका दे दिया है। पहले 24 घंटे के भीतर घोषित उम्मीदवार बदलना और फिर नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के आधिकारिक बायोडाटा में सामने आई कथित विसंगति अब चुनावी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है। भाजपा ने बांकीपुर सीट से नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार घोषित करते हुए उनका बायोडाटा जारी किया। दस्तावेज में उनकी जन्मतिथि 1 जुलाई 1994 दर्ज की गई, जबकि उसी बायोडाटा में उल्लेख था कि उन्होंने वर्ष 2006 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता लेकर राजनीतिक सफर शुरू किया।

इस विवरण के सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे कि यदि जन्म वर्ष 1994 है तो वर्ष 2006 में उनकी उम्र महज 12 वर्ष होती, ऐसे में इतनी कम उम्र में प्राथमिक सदस्यता लेने का दावा कैसे संभव है। विवाद बढ़ने पर भाजपा ने कुछ समय बाद संशोधित बायोडाटा जारी किया। इसमें जन्मतिथि यथावत रखी गई, लेकिन वर्ष 2006 में पार्टी की सदस्यता लेने संबंधी पूरा उल्लेख हटा दिया गया। हालांकि, इस बदलाव को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। दो अलग-अलग बायोडाटा सामने आने के बाद विपक्ष भाजपा की तैयारियों और दस्तावेजी प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है।

यह विवाद इसलिए भी अधिक चर्चा में है क्योंकि इससे एक दिन पहले भाजपा ने अपने घोषित उम्मीदवार अभिषेक बंटी का टिकट वापस ले लिया था, जबकि वह नामांकन दाखिल कर चुके थे। अभिषेक बंटी ने उम्मीदवारी छोड़ने की वजह व्यक्तिगत कारण बताई, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार उनके नामांकन से जुड़े कुछ तकनीकी पहलुओं और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर उठे सवालों के बाद नेतृत्व ने अंतिम समय में उम्मीदवार बदलने का फैसला किया। भाजपा की सुरक्षित मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर इस बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की मौजूदगी से मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के साथ चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। अब सभी की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले और चुनावी घटनाक्रम पर टिकी हैं।













