पटना, 30 जून (पटना डेस्क) वर्षों से लंबित गया-डाल्टेनगंज नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से धरातल पर उतरती नजर आ रही है। रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सर्वेक्षण कार्य में गति लाते हुए झारखंड के डाल्टेनगंज क्षेत्र में भी वैज्ञानिक मिट्टी जांच की तैयारी पूरी कर ली है। गया जिले के डुमरिया इलाके में प्रारंभिक गतिविधियां शुरू होने के बाद अब रेलवे इंजीनियरों की टीम प्रस्तावित रेल मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भूगर्भीय परीक्षण करेगी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित रेल लाइन के पूरे मार्ग पर चरणबद्ध तरीके से मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। जांच के दौरान मिट्टी की मजबूती, भार वहन क्षमता, भूगर्भीय संरचना और निर्माण की उपयुक्तता का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि रेल लाइन, पुल और पुलियों के सुरक्षित निर्माण के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है और भविष्य की तकनीकी योजना इसी पर आधारित होगी। मिट्टी जांच पूरी होने के बाद परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट में रेल लाइन की कुल लंबाई, संभावित स्टेशनों का स्थान, पुल-पुलियों की संख्या, अनुमानित निर्माण लागत, भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता तथा पर्यावरणीय प्रभाव जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा। डीपीआर के आधार पर परियोजना के अगले चरण की कार्ययोजना तय होगी। सूत्रों के मुताबिक, डीपीआर तैयार होने के बाद इसे रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर चरणबद्ध तरीके से रेल लाइन निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

गया-डाल्टेनगंज नई रेल लाइन बनने से बिहार और झारखंड के बीच रेल संपर्क पहले से अधिक मजबूत होगा। यात्रियों को सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा मिलने के साथ यात्रा का समय भी कम होगा। इसके अलावा व्यापार, पर्यटन, कृषि और स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। बेहतर रेल संपर्क से दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और दोनों राज्यों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और सुगम हो जाएगा। रेलवे की ताजा पहल से वर्षों से इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे लोगों में नई उम्मीद जगी है।
















