पटना, 06 जून (अविनाश कुमार) बिहार में खेलों के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि बिहार के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और खेल अवसंरचना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है, वहीं “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के तहत उन्हें सरकारी नौकरी देकर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।बैठक में मुख्यमंत्री ने राजगीर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का कार्य 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही पटना के डुमरी खेल परिसर में विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम विकसित करने की योजना पर भी बल दिया। उन्होंने पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने और इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड तथा बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 8,053 ग्राम पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में 5,266 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष खेल मैदानों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं और प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों के निर्माण को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सव और प्रतियोगिताएं आयोजित करने, पंचायत खेल क्लबों को सक्रिय बनाने तथा ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने की रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरण, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
















