समस्तीपुर, 31 मई (हर्षिता “अश्क”) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। जिले के करीब 85 हजार किसानों की 23वीं किस्त की ₹2,000 की राशि इस बार अटक सकती है। वजह है सरकार द्वारा अनिवार्य की गई फार्मर आईडी का अब तक नहीं बन पाना।कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में पीएम किसान योजना के कुल 2 लाख 42 हजार 911 पंजीकृत लाभार्थी हैं। इनमें से अब तक केवल 1 लाख 59 हजार 87 किसानों की ही फार्मर आईडी तैयार हो सकी है।

शेष करीब 85 हजार किसान अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं, जिससे उनकी आगामी किस्त के साथ-साथ अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है। किसानों का कहना है कि फार्मर आईडी बनाने में सबसे बड़ी बाधा भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियां हैं। कई मामलों में जमीन पुश्तैनी है, लेकिन जमाबंदी लाभार्थी के नाम नहीं है। वहीं, खातों-खेसरा संख्या में त्रुटियां और नामों की स्पेलिंग में अंतर भी बड़ी समस्या बनकर उभरा है। इसके कारण ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष महाअभियान शुरू किया है।

पंचायत और राजस्व स्तर पर 30 जून तक अभियान चलाकर छूटे हुए किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने किसानों से समय रहते निबंधन कराने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसमें जमीन, फसल, आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर की जानकारी लिंक होगी। इससे भविष्य में पीएम किसान, फसल बीमा, बीज वितरण और कृषि अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और आसान तरीके से किसानों तक पहुंच सकेगा।














