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उद्योग क्रांति की आहट: बिहार के 24 जिलों में बनेंगे नए औद्योगिक हब, जमीन अधिग्रहण ने पकड़ी रफ्तार

पटना, 05 मई (पटना डेस्क) बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 24 जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 26 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे निवेश और रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर सहित नौ जिलों में सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) का कार्य पूरा हो चुका है। रिपोर्ट में इन परियोजनाओं को “लोक प्रयोजनार्थ” बताते हुए इनके व्यापक लाभों का जिक्र किया गया है। अन्य जिलों में यह प्रक्रिया जारी है, जबकि छह जिलों में काम अभी शुरू होना बाकी है।

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें और इसे तेजी से पूरा करें। साथ ही, जमीन पर दखल-कब्जा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या अतिक्रमण विकास कार्यों में बाधा न बने। केंद्र सरकार की योजना के तहत 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में “प्लग एंड प्ले” औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इससे देशभर में औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी और बिहार भी इसमें अहम भूमिका निभाएगा। विभाग के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए अभी से आवेदन मिलने लगे हैं, जिससे निवेशकों की रुचि साफ झलक रही है।

जिन जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं, उनमें मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, मधुबनी, रोहतास, नवादा, अरवल, भागलपुर, मुंगेर, नालंदा, कटिहार, औरंगाबाद, सुपौल, सीवान, सहरसा, बेगूसराय, पटना, मधेपुरा, शेखपुरा, शिवहर, दरभंगा, पूर्णिया, भोजपुर और गया शामिल हैं। एसआईए रिपोर्ट में कहा गया है कि इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, जिन परिवारों का विस्थापन होगा, उन्हें पुनर्वास योजना के तहत लाभ देने का प्रावधान भी किया गया है। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। अब अधिग्रहण के साथ मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल बिहार को औद्योगिक नक्शे पर मजबूत पहचान दिला सकती है।

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