नई दिल्ली, 20 अप्रैल (अशोक “अश्क”) एनसीपी (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने सोमवार (20 अप्रैल) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में एक सनसनीखेज बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसी भी जांच एजेंसी से डर नहीं है और अगर ईमानदारी के लिए ओलंपिक खेला जाता, तो राहुल गांधी निस्संदेह उसे जीतते। सुप्रिया का यह बयान उस समय आया, जब विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच तीखी जुबान का आदान-प्रदान हो रहा था।महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि यह विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि यह परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण विधेयक 2003 में ही पास हो चुका था और भारत के राष्ट्रपति द्वारा इसे अधिसूचित भी किया जा चुका था। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को घेरते हुए कहा, “अगर वे कहते हैं कि जनगणना प्रक्रिया के कारण महिला आरक्षण में देरी हो रही है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि इस प्रक्रिया को तेज करने से किसने रोका था।”सुप्रिया सुले ने आदिवासी लड़कियों के लापता होने के बढ़ते मामलों पर भी मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दलों द्वारा विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और यह पहली बार हो रहा है जब सत्ताधारी दल खुद विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।सांसद ने MHADA के सीईओ संजीव जायसवाल द्वारा कथित धमकी के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को गोरेगांव के मोतीलाल नगर में स्थानीय निवासियों को धमकाते हुए नजर आए एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

मुझे पूरा विश्वास है कि उनके कार्यालय ने इस वायरल वीडियो को देखा होगा।”सुप्रिया सुले के इन तीखे बयानों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री फडणवीस और सत्ताधारी दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
















