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हौसला

आज साहित्यिक आंगन में तमिलनाडू, चेन्नई की सुप्रसिद्ध कवयित्री शिल्पा बम्ब (जैन) जी की एक दिलकश मुक्तक

मिलेगी मंज़िलें उनको जो चलना जानते होंगे।

हवाओं के थपेड़ों में भी पलना जानते होंगे।

रूकेंगे क्या कभी वो राह की मुश्किल से डरकर के,

जो सूरज की तरह हर रोज़ जलना जानते होंगे।

~शिल्पा बम्ब (जैन)

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