नई दिल्ली, 07 अप्रैल (अशोक “अश्क”) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए साफ कर दिया है कि वह ईरान पर परमाणु हमला नहीं करेगा। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका “ईरान पर परमाणु हमले के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा है।” इस स्पष्टिकरण के बाद ईरान पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है।

दरअसल, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के एक बयान ने हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था। वैंस ने कहा था कि अमेरिका के पास ऐसे कई हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल अभी तक नहीं किया गया है। उनके इस बयान के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ परमाणु विकल्प पर विचार कर सकते हैं। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समयसीमा तक संतोषजनक समझौता नहीं हुआ तो “एक पूरी सभ्यता आज रात ही नष्ट हो सकती है।” इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी और परमाणु हमले की आशंकाएं तेज हो गई।

हालांकि, वैंस के बयान के कुछ ही समय बाद व्हाइट हाउस ने सफाई जारी करते हुए स्पष्ट किया कि उनके बयान का संबंध परमाणु हथियारों से नहीं है। प्रशासन ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अन्य सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है, लेकिन परमाणु हमला एजेंडे में नहीं है। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान को शांति वार्ता के लिए एक समयसीमा दी है, जो तेजी से करीब आ रही है। लेकिन तेहरान की ओर से बातचीत के संकेत कमजोर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने सहित कई शर्तों पर सहमति बनाने का दबाव ईरान पर बढ़ता जा रहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया संदेश में यह भी कहा कि वह इस स्थिति से बचना चाहते हैं, लेकिन “शायद कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत” हो सकता है। इस बयान से संकेत मिलता है कि कूटनीतिक रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। फिलहाल, अमेरिका के परमाणु हमले से इनकार ने वैश्विक चिंता को कुछ हद तक कम जरूर किया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर बना हुआ है।

















