पटना, 29 अक्टूबर (पटना डेस्क) बिहार के नवादा जिले में युवक की मौत के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। नारदीगंज थाना क्षेत्र के इचुआ गांव में हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी के दौरान युवक की लाठी-डंडों से पिटाई करने और इसी वजह से उसकी मौत होने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। घटना को लेकर इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मृतक की पहचान नंदपुर गांव निवासी स्वर्गीय कुलो मांझी के 30 वर्षीय पुत्र मुंद्रिका मांझी के रूप में हुई है।

परिजनों का आरोप है कि इचुआ गांव में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की छापेमारी चल रही थी। इसी दौरान मुंद्रिका मांझी के साथ लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि पिटाई के कारण युवक की मौत हो गई और घटना के बाद पुलिस टीम मौके से चली गई।युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया और मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई।

इस मामले में नारदीगंज थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि संबंधित समय पर थाने की पुलिस इचुआ गांव में छापेमारी करने नहीं गई थी, बल्कि वनगंगा क्षेत्र में गश्त कर रही थी। थानाध्यक्ष के अनुसार, युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।फिलहाल, युवक की मौत के वास्तविक कारणों और परिजनों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।













