समस्तीपुर, 28 अप्रैल (डॉ. ए. के. सिंह) बिहार सरकार की ‘सात निश्चय योजना’ के तहत अब शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। रोजगार सृजन और महिलाओं के अधिकार को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), समस्तीपुर ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों को सख्त निर्देश जारी करते हुए गैर-शैक्षणिक कर्मियों का विस्तृत डेटा मांगा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार यह पहल ‘आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार’ अभियान के तहत की जा रही है।

इसके अंतर्गत जिले के सभी राजकीय, राजकीयकृत और उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लिपिक (क्लर्क) और परिचारी (अटेंडेंट) की पूरी जानकारी मांगी गई है, ताकि विद्यालयवार सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें। जिला कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक निर्धारित प्रपत्र-1 में जानकारी भरकर दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जमा करें। यह रिपोर्ट सीधे राज्य स्तर पर भेजी जानी है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि 48 घंटे के भीतर डेटा उपलब्ध नहीं कराने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। इस सख्ती के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और स्कूल प्रशासन तेजी से आंकड़े जुटाने में लग गया है। इस कदम को लेकर संकेत मिल रहे हैं कि सरकार माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों की पहचान और नए पद सृजन की दिशा में बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को भी नई मजबूती मिलेगी।













