समस्तीपुर, 18 सितम्बर (हर्षिता “अश्क”) स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए शुक्रवार को विधि महाविद्यालय, समस्तीपुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों और कार्यपालक पदाधिकारियों ने आधुनिक कचरा प्रबंधन की तकनीक और नए नियमों की जानकारी ली।

कार्यशाला का उद्घाटन महापौर अनीता राम, उप महापौर रामबालक पासवान, डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, नगर आयुक्त गौतम कुमार और उप नगर आयुक्त विभूति कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डीडीसी ने कहा कि कचरा प्रबंधन केवल नगर निकायों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों की साझा जवाबदेही है। घर से ही कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण जरूरी है।

महापौर ने नियमित कचरा उठाव के साथ जनजागरूकता और जनभागीदारी पर जोर दिया। नगर आयुक्त ने कहा कि नियमों की जानकारी से निकायों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी। मुख्य प्रशिक्षक डॉ. संजय गुप्ता ने स्रोत पर कचरा अलग करने से लेकर संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग और सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया को उदाहरणों के साथ समझाया।

प्रतिभागियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं दूर कीं।उप महापौर ने वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान तेज करने की बात कही। संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया। अंत में नगर आयुक्त ने प्रतिभागियों एवं स्वच्छता पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।














