नई दिल्ली, 31 मार्च (अशोक “अश्क”) उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के अचानक इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। महज कुछ ही समय पहले सेवा में आए इस युवा अफसर के फैसले ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सूत्रों के मुताबिक, राही लंबे समय से बिना ठोस जिम्मेदारी के राजस्व परिषद में अटैच थे।

उन्होंने अपने इस्तीफे में स्पष्ट लिखा है कि उन्हें न तो उचित पोस्टिंग मिल रही थी और न ही जनसेवा का अवसर। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” काम कर रहा है, जिसके कारण वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पा रहे थे।राही ने अपने फैसले को नैतिक कदम बताते हुए कहा कि सिर्फ वेतन लेना, बिना वास्तविक कार्य के, उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। यही कारण है कि उन्होंने सेवा छोड़ना बेहतर समझा।गौरतलब है कि शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में एसडीएम के रूप में उनकी तैनाती के दौरान भी वे सुर्खियों में आए थे। ज्वाइनिंग के अगले ही दिन निरीक्षण के दौरान गंदगी और खराब व्यवस्था देखकर उन्होंने सख्त रुख अपनाया। एक व्यक्ति को खुले में पेशाब करते पकड़ने पर उन्होंने उसे उठक-बैठक की सजा दी, जिससे वकीलों में नाराजगी फैल गई।हालांकि बाद में विरोध के बीच राही ने सार्वजनिक रूप से तहसील की खराब स्थिति स्वीकार की और खुद भी वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाकर संदेश दिया कि जिम्मेदारी सभी की है। उनके इस कदम की जहां कुछ लोगों ने सराहना की, वहीं कुछ ने इसे अनुचित बताया।अब उनके इस्तीफे ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और कार्य संस्कृति पर बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक युवा और ऊर्जावान अधिकारी को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर क्यों होना पड़ा।














