मधुबनी, 27 अप्रैल (आशीष यादव) जिले में वक्फ भूमि पर कथित अवैध कब्जे और फर्जी जमाबंदियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ता सह जिला औकाफ कमिटी के सदस्य डॉ. मो. महताब आलम ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है, जिससे मामला और गरमा गया है। डॉ. महताब आलम ने अपने पत्र में दावा किया है कि मधुबनी जिले के 21 अंचलों में वक्फ की जमीन पर अवैध तरीके से जमाबंदियां सृजित कर ली गई है।

उन्होंने प्रशासन से इन सभी जमाबंदियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वक्फ की संपत्तियां पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में आ सकती हैं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास वक्फ भूमि से संबंधित प्रमाण या दस्तावेज मौजूद हैं, तो वे सीधे अपर समाहर्ता के न्यायालय में जाकर जमाबंदी रद्दीकरण वाद दायर करें। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर कब्जा करने वालों के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जानी चाहिए।

डॉ. आलम ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ अतिक्रमण वाद चलाकर वक्फ भूमि को मुक्त कराया जाए। उन्होंने इस पूरे मामले को धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि वक्फ की जमीन ‘अल्लाह की अमानत’ है, जिसकी सुरक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इस खुलासे के बाद जिले में हलचल तेज हो गई है और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से कदम उठाते हैं और वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त करा पाते हैं या नहीं।













