समस्तीपुर, 25 जून (मोहम्मद जमशेद) मोहर्रम की पूर्व संध्या पर गुरुवार को मुसरीघरारी चौक आस्था, अनुशासन और भाईचारे का अद्भुत केंद्र बन गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे हजारों लोगों ने ताजिया जुलूस में हिस्सा लिया, जिससे पूरा इलाका धार्मिक रंग में सराबोर नजर आया। जुलूस और मातमी कार्यक्रम को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।मुसरीघरारी चौक पर बी ऐलोथ, बथुआ, सिहीमा, बखरी, उदा, बड़बट्टा, बास्कुरबा, चौसिमा, बेझा, गोहदा, लटबासेपुरा, गंगापुर और सुआपाकड़ सहित कई गांवों के लोगों ने अपने-अपने दल के साथ ताजिया निकाला। इस दौरान खिलाड़ियों ने भी विभिन्न पारंपरिक कर. तबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही।

मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए पहले से निर्धारित नया ट्रैफिक रूट लागू किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। एम्बुलेंस, प्रशासनिक वाहनों और अन्य जरूरी सेवाओं के निर्बाध आवागमन के लिए मोहर्रम कमिटी की ओर से चार एस्कॉर्ट गाड़ियां तैनात की गईं, जो लगातार यातायात संचालन में सहयोग करती रहीं। पूरे आयोजन के दौरान शांति, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली।

स्थानीय लोगों ने कहा कि मुसरीघरारी में मोहर्रम का पर्व वर्षों से सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया जाता रहा है। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से एक बार फिर भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जिसका समापन शाम में ताजिया मिलन कार्यक्रम के साथ होगा। समापन समारोह में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।














