• Home
  • मुख्य समाचार
  • मिट्टी बचाओ, भविष्य संवारो: प्राकृतिक खेती पर सबौर में मंथन, मंत्री ने किसानों को दिया बड़ा संदेश
Image

मिट्टी बचाओ, भविष्य संवारो: प्राकृतिक खेती पर सबौर में मंथन, मंत्री ने किसानों को दिया बड़ा संदेश

बक्सर, 16 जून (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में मंगलवार को प्राकृतिक खेती को लेकर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों, वैज्ञानिकों और जनप्रतिनिधियों ने टिकाऊ कृषि के भविष्य पर व्यापक चर्चा की। आत्मा, भागलपुर एवं कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों एवं कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के नगर विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर भागलपुर विधायक रोहित पांडेय, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अतिथियों का स्वागत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया। वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।अपने संबोधन में मंत्री नीतीश मिश्रा ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि आज खेतों की मिट्टी और पर्यावरण की चिंता नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती टिकाऊ कृषि की मजबूत आधारशिला है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि कृषि को तकनीक से जोड़ने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग हर संभव सहयोग देगा।

भागलपुर विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि प्राकृतिक खेती की अवधारणा भारतीय वैदिक परंपरा से जुड़ी हुई है, जबकि विधायक मुरारी पासवान ने इस दिशा में बिहार कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना की।कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इनके दुष्प्रभाव अब विभिन्न बीमारियों के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपनी कम-से-कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।

साथ ही जर्दालू आम, कतरनी धान और भागलपुरी सिल्क की ब्रांडिंग के लिए विश्वविद्यालय में विशेष केंद्र स्थापित करने की मांग भी उठाई। उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित तकनीकी सत्र में प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, इसके लाभों और किसानों के लिए उपलब्ध अवसरों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को किसानों के लिए जागरूकता और कृषि परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।

Releated Posts

त्योहारों से पहले समस्तीपुर में ट्रैफिक पर शिकंजा: 8,146 वाहनों की जांच, 3,526 के कटे चालान

समस्तीपुर, 15 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व को लेकर सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 15, 2026

दलित-महादलितों पर जुल्म के खिलाफ डुमरांव में माले का प्रतिरोध मार्च, किया पुतला दहन

बक्सर, 15 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार के विभिन्न जिलों में दलित, महादलित, महिलाओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों पर…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 15, 2026

सौर ऊर्जा से जगमगाएगा भागलपुर-बांका, 90 मेगावाट से ज्यादा क्षमता का नया पावर हब बनाने की तैयारी

पटना, 15 अक्टूबर (पटना डेस्क) आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा की दिशा में भागलपुर और बांका अब बड़ी…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 15, 2026

दशहरा से पहले बक्सर में परिवहन विभाग का शिकंजा: 452 वाहनों के चालान, 28.47 लाख का जुर्माना

बक्सर, 14 अक्टूबर (विक्रांत) आगामी दशहरा एवं अन्य त्योहारों के दौरान जिले में शांतिपूर्ण माहौल, सुगम यातायात और…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 14, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top