पटना, 20 सितम्बर (अविनाश कुमार) बिहार सरकार एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उच्च शिक्षा और सुरक्षा के अवसर बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जीविका’ और ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के माध्यम से महिलाएं सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन समेत विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। सरकार का लक्ष्य रोजगार के अवसरों का दायरा और व्यापक करना है।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए पोशाक योजना में जीविका दीदियों द्वारा तैयार पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के अनुसार ‘बालिका पीएचडी फेलोशिप’ के तहत हर वर्ष 1,000 छात्राओं को उच्च शिक्षा और शोध के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये की सहायता देने का लक्ष्य है। महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।

महिला सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस दीदी’ पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। समारोह में आयोग की 25 वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा विशेष डाक टिकट और स्मारिका का विमोचन भी हुआ।













