• Home
  • Crime
  • भरत भूषण एनकाउंटर पर बिहार में महाभारत: सत्ता पक्ष में बगावत के सुर, सड़क से सोशल मीडिया तक मचा बवाल
Image

भरत भूषण एनकाउंटर पर बिहार में महाभारत: सत्ता पक्ष में बगावत के सुर, सड़क से सोशल मीडिया तक मचा बवाल

पटना, 23 जून (पटना डेस्क) भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला अब बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा विवाद बनता जा रहा है। इस घटना को लेकर सत्ता पक्ष के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ही सरकार और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस का खुलकर समर्थन किया है। उधर, विपक्षी दलों के साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे लगातार इस मामले को लेकर मुखर हैं। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या का मामला है।

चौबे ने कहा कि भरत भूषण तिवारी ने कथित तौर पर पुलिस से बचने के लिए अपना सोने का लॉकेट बेचकर हथियार खरीदा था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता एवं बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने भी पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई कुख्यात अपराधी नहीं थे, बल्कि गरीबों और दलितों की आवाज उठाने वाले व्यक्ति थे। अशोक चौधरी ने कहा कि जब भरत भूषण तिवारी के स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्वजनिक तस्वीरें मौजूद हैं, तो उन्हें अपराधी कैसे घोषित किया जा सकता है।

उन्होंने भोजपुर पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो फिर उनका एनकाउंटर क्यों किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी उपलब्ध वीडियो और तथ्यों के आधार पर मामले में संदेह जता चुके हैं।हालांकि, केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई को पूरी तरह सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि भरत तिवारी मानसिक रूप से अस्थिर थे, तो उनके पास हथियार कैसे था। मांझी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भरत भूषण तिवारी की मौत अब कानून-व्यवस्था के मुद्दे से आगे बढ़कर बिहार की सियासत का बड़ा केंद्र बन चुकी है, जिस पर आने वाले दिनों में और घमासान होने के आसार हैं।

Releated Posts

24 अवतार धाम में करोड़ों की सनसनीखेज चोरी: 200 साल पुरानी रामलला की अष्टधातु मूर्ति गायब, दानपेटियां भी साफ

समस्तीपुर, 13 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध चकोटी मठ के 24 अवतार…

घर में सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या: रात तीन बजे गोलियों की गूंज से कांपा गांव, भूमि विवाद पर गहराया शक

समस्तीपुर, 13 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर ब्रहंडा पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित…

आधी रात घर में घुसे हथियारबंद बदमाश: सिर में मारी गोली, केशरी बिगहा में 45 वर्षीय युवक की हत्या से सनसनी

नालंदा, 12 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र के केशरी बिगहा गांव में शनिवार देर…

वैशाली में खूनी खेल में तब्दील हुई जमीन की लड़ाई: बुजुर्ग और फौजी बेटे की गोलियों से छलनी कर हत्या, गांव में मचा हड़कंप

पटना, 12 जुलाई (पटना डेस्क) वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के रजासन गांव में रविवार सुबह जमीन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top