पटना, 23 जून (अविनाश कुमार) राजधानी पटना स्थित आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में हुए औचक निरीक्षण के दौरान उजागर हुई गंभीर अनियमितताओं ने जेल प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए बिहार सरकार ने तत्कालीन जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग (कारा) द्वारा जारी संकल्प के अनुसार, कारा निरीक्षणालय और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने हाल ही में बेऊर जेल में छापेमारी और औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान जेल परिसर में अव्यवस्था, अनुशासनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए।

निरीक्षण में पाया गया कि जेल के लगभग सभी वार्डों में अवैध रूप से निजी मेस संचालित किए जा रहे थे। बंदी खुलेआम हीटर पर भोजन बनाते मिले। हैरानी की बात यह रही कि जांच दल की मौजूदगी में भी यह गतिविधियां जारी थी। वहीं जेल कैंटीन में बंदियों को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दरों पर सामान बेचे जाने का मामला भी उजागर हुआ। आरोप है कि बाहर से सामान खरीदकर जेल प्रशासन द्वारा ऊंचे दामों पर उपलब्ध कराया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। अधिकांश बंदी निजी मेस के माध्यम से भोजन की व्यवस्था कर रहे थे और इसके बदले उनसे अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें भी मिली।

सबसे गंभीर मामला उच्च सुरक्षा कक्ष से जुड़ा पाया गया, जहां कम उम्र के बंदियों को उम्रदराज और कुख्यात अपराधियों के साथ रखा गया था। जांच दल ने इसे युवा बंदियों के मानसिक एवं शारीरिक शोषण की आशंका बढ़ाने वाला कदम बताया। इसके अलावा लेखा पंजियों का संधारण भी नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। संकल्प में कहा गया है कि जांच के दौरान जेल प्रशासन ने टीम को अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। आरोप है कि अवकाश पर रहने के बावजूद तत्कालीन अधीक्षक नीरज कुमार झा जेल पहुंचे और जांच प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की। गृह विभाग ने मुख्यमंत्री स्तर से अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर निर्धारित किया गया है। वहीं सहायक कारा महानिरीक्षक (क्षेत्र) राजीव कुमार को बेऊर जेल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।













