• Home
  • मुख्य समाचार
  • बिहार विधानसभा में 87,383 करोड़ का बड़ा बजट दांव: सड़क, पेंशन, मेट्रो, रोजगार और बिजली सब्सिडी पर सरकार का फोकस
Image

बिहार विधानसभा में 87,383 करोड़ का बड़ा बजट दांव: सड़क, पेंशन, मेट्रो, रोजगार और बिजली सब्सिडी पर सरकार का फोकस

पटना, 20 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पेश कर विकास और जनकल्याण पर बड़ा दांव लगाया। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन के पटल पर 87,383.43 करोड़ रुपये की प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी रखी, जिसमें सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बिजली सब्सिडी जैसे क्षेत्रों के लिए भारी राशि का प्रावधान किया गया है।सरकार द्वारा प्रस्तुत विवरणी के अनुसार 57,077.95 करोड़ रुपये वार्षिक योजना मद के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें 32,707.23 करोड़ रुपये केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए तथा 24,370.72 करोड़ रुपये राज्य योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के लिए 30,256.99 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए 9,335.35 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मनरेगा के लिए 3,342.12 करोड़, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजन के लिए 3,308.69 करोड़, सर्व शिक्षा अभियान के लिए 2,732 करोड़, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 2,780.94 करोड़, मध्याह्न भोजन योजना के लिए 1,359.72 करोड़ तथा आयुष्मान भारत एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 1,150 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। राज्य योजनाओं में सबसे अधिक 6,710.93 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए रखे गए हैं।

वहीं वृहद सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 3,665.60 करोड़, बिहार राज्य दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1,147.84 करोड़, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1,066.44 करोड़, पटना मेट्रो रेल परियोजना के लिए 952 करोड़, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिए 940 करोड़, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए 927 करोड़, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए 500 करोड़ तथा मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के लिए 233 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं को 16वें वित्त आयोग के तहत 2,638.16 करोड़ और 15वें वित्त आयोग के तहत 747.98 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने के लिए 999.34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि यह अनुपूरक बजट विकास कार्यों को गति देने के साथ आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

Releated Posts

नेपाल में भारी बारिश: छोड़ा 1.36 लाख क्यूसेक पानी, गंडक बराज का बढ़ा जलस्तर, सीमावर्ती गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

बेतिया, 21 जुलाई (विनय कुमार गुप्ता) इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित ऐतिहासिक गंडक बराज में नेपाल से लगातार आ…

पेपर लीक के खिलाफ डुमरांव में फूटा छात्र-युवाओं का गुस्सा: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, एनटीए भंग करने को लेकर गरजे प्रदर्शनकारी

बक्सर, 20 जुलाई (विक्रांत) बक्सर जिले के डुमरांव नगर में सोमवार को पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित…

समस्तीपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव: जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल, प्रखंड स्तर पर मिलेगा प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार

समस्तीपुर, 20 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) समस्तीपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की…

15 अगस्त की तैयारियों में जुटा समस्तीपुर प्रशासन: भव्य समारोह के लिए डीएम ने कसी कमर, सभी विभागों को सख्त निर्देश

समस्तीपुर, 20 जुलाई (रामबालक राय) स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 के राजकीय समारोह को भव्य, गरिमामय और सुव्यवस्थित…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top