पटना, 13 सितम्बर (पटना डेस्क) बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर करीब 48.22 लाख पहुंच गई है। शुक्रवार शाम तक यह आंकड़ा 47.33 लाख था। लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 48.22 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।

भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। वहीं डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक सहित कई स्थानों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। नदियों के बढ़ते दबाव के बीच तटबंधों और नदी किनारे बसे इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कटाव या तटबंध को नुकसान की सूचना मिलते ही तत्काल स्थल निरीक्षण कर सुरक्षा उपाय शुरू करने को कहा गया है। सितंबर में अब तक 108.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक है।

बाढ़ प्रभावितों के लिए 1,248 सामुदायिक रसोई और 13 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। राहत शिविरों में 12,260 लोगों के भोजन, आवास और चिकित्सा की व्यवस्था है। बचाव और परिवहन के लिए 1,794 नावें तैनात हैं। वहीं SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें मोर्चा संभाल रही हैं। मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों में कई हिस्सों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई है।














