नालन्दा, 25 मई (अविनाश पांडेय) बिहार पुलिस को पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार पुलिस एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 (CCTNS CAS 1.0) पर राज्यस्तरीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राज्यभर के नवस्थापित 343 पुलिस थानों को आधुनिक डिजिटल पुलिसिंग प्रणाली से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यशाला को संबोधित करते हुए बिहार राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने सभी जिलों से जुड़े प्रतिभागियों से सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 परियोजना के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार द्वारा विकसित कार्यप्रणाली और सॉफ्टवेयर मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के प्रतिनिधियों ने तकनीकी सत्र प्रस्तुत कर सीसीटीएनएस प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं और उसके संचालन की विस्तृत जानकारी दी। वहीं एनआईसी बिहार के एसटीडी नवीन कुमार ने परियोजना की रोलआउट योजना और कार्यान्वयन रणनीति पर प्रकाश डाला।

संयुक्त निदेशक राम भगवान सिंह, प्रदीप नायक और उप निदेशक अभिषेक कुमार ने विभिन्न मॉड्यूल का तकनीकी प्रशिक्षण दिया।नालंदा जिले से जिला सूचना-विज्ञान पदाधिकारी अजीत कुमार, डीआरएम तनवीर आलम, नेटवर्क इंजीनियर नीरज कुमार सिंह और आशीष रंजन ने कार्यशाला में सक्रिय भूमिका निभाई। जिले के चयनित आठ थानों के थानाध्यक्षों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। आयोजकों ने दावा किया कि यह पहल बिहार में डिजिटल पुलिसिंग को नई मजबूती देगी और अपराध नियंत्रण व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाएगी।

















